जब एलआईसी एजेंट बनीं राजकपूर की बेटी तो हंसते थे लोग, लेकिन अपनी काबिलियत से प्रेरणा बन गई रितु नंदा

जब एलआईसी एजेंट बनीं राजकपूर की बेटी तो हंसते थे लोग, लेकिन अपनी काबिलियत से प्रेरणा बन गई रितु नंदा, Gadget Clock | Technology News

जब एलआईसी एजेंट बनीं राजकपूर की बेटी तो हंसते थे लोग, लेकिन अपनी काबिलियत से प्रेरणा बन गई रितु नंदा

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2020, 06:11 PM IST

बॉलीवुड डेस्क.  शोमैन राजकपूर की बेटी रितु नंदा अब हमारे बीच नहीं हैं। कैंसर से जूझ रही 71 वर्षीय रितु ने मंगलवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। बॉलीवुड के सबसे पुराने घराने (कपूर) की बेटी और दिल्ली के मशहूर उद्योगपति (एस्कॉर्ट्स के पूर्व मालिक)  राजन नंदा की पत्नी होने के बावजूद उन्होंने एलआईसी की एजेंट के तौर पर काम किया था। 1980 में जब उन्होंने बतौर एलआईसी एजेंट एस्कोलाइफ नाम से अपनी इंश्योरेंस कंपनी शुरू की तो लोग उनकी हंसी उड़ाते थे। इस बात का जिक्र रितु ने निश्चिंता अमरनाथ, देबाशीष घोष की बुक ‘द वॉयेज ऑफ एक्सीलेंस : द एसेंट ऑफ 21 वीमेन लीडर्स ऑफ इंडिया आईएनसी’ में किया था।   

रितु ने कहा था,

मुझे अहसास हुआ कि इंश्योरेंस उन प्रोफेशंस में से एक था, जिसका लोग सम्मान नहीं करते थे। इंश्योरेंस एडवाइजर्स इस तथ्य को स्वीकारने में शर्मिंदगी महसूस करते थे कि वे असल में एजेंट थे। मैं उन लोगों को न भूल सकती हूं और न ही माफ कर सकती हूं, जो मेरे एजेंट बनने के बाद मुझपर हंसते थे। इस उकसावे और अवमानना ने मुझे कड़ी मेहनत और सम्मान, पहचान और विश्वसनीयता हासिल करने के प्रयास की ओर प्रेरित किया

रितु का बिजनेस में दूसरा प्रयास था

इंश्योरेंस मार्केट में आना रितु का बिजनेस की ओर दूसरा प्रयास था। इससे पहले उन्होंने निकिताषा नाम से एक कंपनी शुरू की थी, जो किचन एप्लायंसेज बनाती थी। हालांकि, इसमें वे सफल नहीं हुईं। रितु ने एक बातचीत में बताया था कि निकिताषा से मिले अनुभव का इस्तेमाल उन्होंने इंश्योरेंस मार्केट में किया था। 

बकौल रितु,  

मैंने अपने निकिताषा के अनुभव को लाइफ इंश्योरेंस स्कीम में इस्तेमाल किया। मेरे दिमाग में अलग तरह के विजन थे। कंपनी लॉ के प्रकाश में आते ही ब्लू कॉलर वर्किंग क्लास के दुर्घटना कवरेज को एलआईसी के प्लान से बदलना जरूरी हो गया था। कंपनी को बेनिफिट हुआ, क्योंकि यह एम्प्लॉयीज को अतिरिक्त कवरेज दे रही थी। मेरी स्कीम के तहत कंपनी को प्रीमियम के घाटे की बजाय टैक्स फ्री इनकम के रूप में पैसा (जिसका भुगतान एक निर्धारित समय सीमा में प्रीमियम के रूप में किया जा रहा था) मिल रहा था।

कई अवॉर्ड और सम्मान मिले थे

लाइफ इंश्योरेंस के बिजनेस में रितु को कई अवॉर्ड और सम्मान मिले थे। इनमें उनका गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शामिल है। उन्होंने एक ही दिन में रिकॉर्ड 17 हजार पेंशन पॉलिसी बेची थीं। 2006 में उन्हें मिलियन डॉलर राउंड टेबल (दुनियाभर के टॉप इंश्योरेंस एजेंट्स की संस्था) की ओर से अपने सदस्यों को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया। ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय थीं। 
 

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